BJP उम्मीदवार ने वोटरों को धमकाया, कहा- साथ नहीं दिया तो कहर बनकर टूटूंगा

आईएएस अफसर से नेता बने ओपी चौधरी को बीजेपी ने खरसिया सीट से उम्मीदवार बनाया है. चौधरी एक वीडियो में मतदाताओं को धमकी देते हुए कह रहे हैं कि मेरा साथ नहीं दिया तो मैं कहर बनकर टूट पड़ूंगा.

छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में आईएएस से राजनेता बने ओम प्रकाश चौधरी को बीजेपी ने खरसिया सीट से मैदान में उतारा है. उन्होंने मतदाताओं को धमकी देते हुए कहा कि है कि सही कामों में जो मेरा साथ नहीं देगा, उन पर मैं कहर बनकर टूट पड़ूंगा.

ओपी चौधरी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो मतदाताओं को धमकाते हुए कहा, 'सबको यह पता होना चाहिए कि मोदी जी 2019 में प्रचंड बहुमत से केंद्र में सरकार बना रहे हैं. सबको पता होना चाहिए कि 2018 में छत्तीसगढ़ में रमन सिंह फिर से चौथी बार सरकार बना रहे हैं.

ओपी चौधरी खुद के लिए कह रहे हैं कि बीजेपी का हिस्सा होने के कारण मैं भी बहुत पावरफुल आदमी रहूंगा. जिन लोगों ने सही चीजों के लिए मेरा साथ नहीं देगा, मैं भी उसका साथ नहीं दूंगा. जो मेरा साथ नहीं देगा, मैं उस पर कहर बनकर टूटूंगा.

बता दें कि छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव में भाग्य आजमाने के लिए रायपुर के कलेक्टर चौधरी ने इसी साल अगस्त में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. वह 2005 बैच के आईएसएस अधिकारी रहे हैं. इसके बाद उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया.

बीजेपी ने ओपी चौधरी को खरसिया विधानसभा सीट से मैदान में उतारा है. ये सीट कांग्रेस की परंपरागत सीट मानी जाती है. इस सीट पर दिवंगत नंदकुमार पटेल ने 1990 से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और वे 2013 तक विधायक रहे. अविभाजित मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के गठन के बाद भी कांग्रेस सरकारों में मंत्री रहे.

 2013 में बस्तर की झीरम घाटी में नक्सली हमले के दौरान उनकी मौत हो गई थी. इसके बाद उनके बेटे उमेश पटेल को 2013 में कांग्रेस ने मैदान में उतारा जिन्होंने भारी मतों से जीत अर्जित की थी. कांग्रेस ने फिर से उन्हें उम्मीदवार बनाया है.

नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा से भाजपा विधायक संजय शर्मा ने मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के सामने पार्टी का दामन थाम लिया. संजय शर्मा पहले कांग्रेस में ही थे, भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें तेंदूखेड़ा से टिकट मिली थी और जीतने के बाद वे विधायक बने. बताया जा रहा है कि संजय शर्मा को इस बात का एहसास था कि भाजपा इस बार किसी अन्य को तेंदूखेड़ा से टिकट दे सकती है. जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने का मन बना लिया था.

गौरतलब है कि इससे पहले रविवार को अशोक नगर जिले में कांग्रेस बड़ा झटका लगा जब 15 ईसागढ़ सदस्यीय नगर परिषद के अध्यक्ष भूपेंद्र द्विवेदी समेत कुल 11 कांग्रेस पार्षद बीजेपी में शामिल हो गए और इसी के साथ पूरे नगर परिषद से कांग्रेस का सफाया हो गया.

भूपेंद्र द्विवेदी के बीजेपी शामिल होने का मौका कितान बड़ा था इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्हें पार्टी में शामिल कराने के मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, राज्यसभा सदस्य प्रभात झा और मंत्री नौरोत्तम मिश्रा मौजूद रहे. बताया जा रहा है कि भूपेंद्र द्विवेदी इस बार अशोक नगर जिले की चंदेरी सीट से दावा ठोंक रहे थें, लेकिन कांग्रेस की तरफ से संतोषजनक आश्वासन न मिलने की सूरत में उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया.

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